9/13/2018

When and what food dinner and breakfast

भोजन व नास्ता कब और क्या हो

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नमस्कार दोस्तो
सबेरे सबसे पहले शौचादि से निवृत होने के बाद आसन-व्यायाम से 15, 20 मिनट पहले सबेरे के समय एक ग्लास पाणी में एक-दो चम्मच शुद्ध शहद और एक छोटा नीबुं निचोडकर पिना भी अच्छी आदत है। इससे शरीर से विषाक्ताता आसानी से बाहर हो जाते है। धमनिया का लचीलापन बना रहता है, और ह्रदयरोग की संभावना कम होती है। स्थुल शरीरवाले लोग सामान्य पानी कि जगह गुनगुना पानी ले.

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food dinner and breakfast
आसन-व्यायाम करने बाद 15-20 मिनट के बाद शरीर शांत हो जाने पर नास्ता करना चाहीये। नास्ते में मौसम के फल हो तो सबसे अच्छी बात है। लेकीन नास्ते मे पराठे, पुरी जैसी चीजो को शामिल करना आपकी दिनचर्या को आलस्य भरा बनाती है। नास्ते मे तली, भुनी, तैलीय पदार्थ कभी-कभार शौकिया तौर पर ही ले, हमेशा ध्यान रखना चाहिये कि नास्ता को हलका ही लेंना उचित है.

नास्ता के बाद कम से कम तीन घंटे बाद भोजन करना उचित है। दोपहर का भोजन 11-12 बजे तक और रात का भोजन 7-8 बजे तक कर लेना चाहीये। सोने से पहले ठंडे दुध में दो चम्मच शहद मिलाकर पिये। दुबले पतले लोग विषम मात्रा मे शहद और घी मिलाकर दुध ले सकते है। विषम मात्रा याने शहद के दो चम्मच तो घी एक चम्मच, घी के दो चम्मच तो शहद एक चम्मच। रात का भोजन किसी कारण न हो तो दुध मे शहद मिलाकर पिकर सो जाये।

महत्त्व पुर्ण बात ये है की कम खाकर लोग उतना बीमार नही पडते जितना कि ज्यादा खाकर, रात का भोजन हलका होना चाहिये। भोजन के अलावा विभिन्न प्रकार फल सलाद आवश्य शामिल करना चाहियें। शरीर को विटामिन कच्ची चीजों से ही मिलती है.

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धन्यवाद दोस्तो


1 comment:

  1. This article is very power fully information sir thank for shearing

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धन्यवाद दोस्तो आपके सुझाव के लिये....धन्यवाद