10/23/2018

how to get rid of gas immediately

how to get rid of gas immediately


तुरंत गैस से छुटकारा पाने के लिये ये उपाय करे


how-to-get-rid-of-gas-immediately, turant-gas-se-chhutakaara-paane-ke- liye-ye-upaay-kare

नमस्कार दोस्तों
  • भोजन से पहले 10 ग्राम अद्रक के बारीक़ टुकड़े पर नमक लगाकर खाना चाहिये। 
  • भोजन से पहले एक चम्मच तुलसी और नींबू का रस पिये। 
  • काला नमक, काली मिर्च, सेंधा नमकसोंठ समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रखलो। ये मिश्रण 3 ग्राम की मात्रा में शहद के साथ लेने पर गैस की तकलीफ में आराम मिलता है। 
  • जिन लोगो को गैस की हमेशा दिक्क़त रहती है। उन्हें भोजन के बाद सोंठ और हरड का चूर्ण 1-1 चम्मच लेने से काफी राहत मिलती है। 
how-to-get-rid-of-gas-immediately, turant-gas-se-chhutakaara-paane-ke-liye-ye-upaay-kare, अद्रक, नमक, तुलसी, नींबू-का-रस, काला-नमक, काली-मिर्च, सेंधा-नमक,सोंठ,शहद, गैस-की-तकलीफ, हरड-का-चूर्ण, लहसुन, पाचन, ह्रदय, उधर-की-वायु, पेट-के-कीड़े, शंख-भस्म, अग्निमांद्य,उदरशुल, मलावरोध, एरंडी-तेल, पिपरमिंट,how-to-get-rid-of-gas-home-remedy, how-to-get-rid-of-gas-pains, how-to-get-rid-of-trapped-gas, how-do-you-get-rid-of-a-gas-bubble-in-your-stomach, how-to-get-rid-of-gas-pain-in-chest, positions-to-relieve-gas, gas-pain-relief, how-to-relieve-gas-pain,
how to get rid of gas immediately

  • भोजन के बाद 200 ग्राम मठ्ठे में 2 ग्राम अजवाइन और आधा ग्राम नमक मिलाकर पिने से लाभ मिलता है। हफ्ते-दो हफ्ते तक यह प्रयोग दिन में एक बार करे। 
  • रोज सुबह लहसुन की दो कच्ची कलिया पानी या दूध के साथ सेवन करे। पेट में गैस नहीं रहती, पाचन क्रिया ठीक होती है, ह्रदय की बिमारी के ले बहुत फायदे मंद होता है। 
  • भुनी हींग एक भाग, वच दो भाग, कुठ तीन भाग, काला नमक चार भाग, बायबिडंग पाच भाग लेकर बारीक़ कपडा छन्नी चूर्ण बनाकर एक बर्तन में एक जीव मिलाकर रख लो। इसे आधे चम्मच की मात्रा पानी के साथ ले। उधर की वायु ठीक करता है और पेट के कीड़े है तो खत्म हो जाते है। 
  • छोटी हरड़ 5 तोला, सेंधा नमक, अजवाइन, चित्रक की छाल, अजमोद सभी 2-2 तोला और पीपल, समुद्र नमक, विडंनमक, काला नमक, काँच नमक, सज्जीक्षार, यवक्षार, सुहाने का फुला, हिंग का फुला, काला जीरा सभी 1-1 तोला। सभी औषधि को कपडा छन्नी चूर्ण बनाकर एक जीव मिला दो। आधा तोला शंख भस्म मिलाकर रख लो। यह चुर्ण आधा चम्मच मात्रा गरम पाणी में भोजन के बाद लेने से आध्मान में आराम मिल जाता है। यह योग अग्निमांद्य, उदरशुल, और मलावरोध जैसे रोगों में लाभदायक है।
  • हिंग्वष्टक चुर्ण 400 ग्राम, लवन भास्कर चुर्ण 400 ग्राम, बिज निकाले हुये मनुके 400 ग्राम, एरंडी तेल, नौसादर, सुहागे, का फुला प्रत्येक 25-25 ग्राम तथा पिपरमिंट 6 ग्राम लो। सबसे पहले मनुका अच्छी तरह पिसकर बल्क बना लो। अब पिपरमिंट व अन्य सभी पदार्था का कपडा छन्नी चुर्ण बना कर मनुका बल्क में मिलाकर छोटी-छोटी गोली बना लो। आवश्यकता नुसार 1 या 2 गोली दिन मे 3 बार पाणी के साथ सेवन करनी चाहियें। गैस सभी रोग इससे ठिक हो जाते है।
  • how-to-get-rid-of-gas-immediately, turant-gas-se-chhutakaara-paane-ke- liye-ye-upaay-kare
  • धन्यवाद दोस्तों 

10/14/2018

Acidic And Ulcers Diseases And Tips

अम्लपित्त व अल्सर (एसिडीटी) में पथ्य अपथ्य व नुस्खे

Acidic-And-Ulcers-Diseases-Prescriptions-and-Tips-Esidik-Rog-nuskhe-aur-Tips
नमस्कार दोस्तों
  • अम्लपित्त में पथ्य-अपथ्य अम्लपित्त के रोगी को तले-भुने, खट्टे, तैलीय पदार्थ, वनस्पति घी, से बने पदार्थ नहीं खाने चाहिये। उपवास हानिकारक होता है। खट्टे में (आँवला चलता है) पत्ता गोभी का रस अम्लपित्त में बेहद फायदेमंद होता है। काकड़ी, गाजर, खीरा, इत्यादि का पथ्य है। दालों में मुंग, अरहर की दाल खाई जा सकती है। ठंडा दूध और पके केले खाना लाभदायक  होता है। 
                                                                           
Acidic-And-Ulcers-Diseases-Prescriptions-and-Tips,Esidik-Rog-nuskhe-aur-Tips,peptic-ulcer-diet, peptic-ulcer-treatment, stomach-ulcer-diet-menu, stomach-ulcer-treatment-at-home, stomach-ulcer-stress, duodenal-ulcer, how-to-cure-stomach-ulcer-permanently, how-to-test-for-stomach-ulcers-at-home, types-of-ulcer, peptic-ulcer-symptoms, peptic-ulcer-pathophysiology,deei-health-tips,अम्लपित्त-में-पथ्य-अपथ्य,अल्सर-या-पेट-के-रोग,अम्लता-अल्सर-में-लाभप्रद,अल्सर-में-पथ्य-अपथ्य,पित्तदोष,अम्लता,अल्सर, क्षयरोग,मीठे-फलो-का-रस,ठंडा-दूध,आइसक्रीम,पतली-खिचड़ी,मुंग,बलवर्धक,पाचनशक्ति,पीलिया,सिरदर्द,पत्तागोभी-का-रस,
Acidic And Ulcers Diseases And Tips
      
  • अल्सर या पेट के रोग शतावरी चूर्ण 10-15 ग्राम दूध या पानी 200 ग्राम साथ ले आवश्यकतानुसार शक़्कर इलाइची के दाने लेकर सबको मिलाकर धीमी आँच पर पकाये। दूध गाढ़ा हो जाये तो उतारकर ठंडा होने के बाद इसे धीरे-धीरे खालो। इसका उपयोग दिन में दो-तीन बार किया जा सकता है। अल्सर रोगी को निश्चित ही आराम गिरेगा।
  1. आमाशय में अल्सर होने पर मेथी के दाने को नित्य स्वरूप 2 बार ले दोपहर के भोजन से आधा घंटे पहले व रात को सोने से पहले लाभ होने तक लेते रहना चाहिये।  
  2. कामदुधा रस, सूतशेखर रस, शंखभस्म, प्रवाल-पंचामृत, और वराटिका-भस्म 2-2 ग्राम दूध या पानी के साथ ले। इन सबको मिलाकर या अलग-अलग भी लिया जा सकता है। 
  3. दालचीनी 2 ग्राम, अनारदाना 3 ग्राम, सूखा पुदीना 3 ग्राम, आँवला 3 ग्राम, इलाइची 5 ग्राम, मनुक्का 15 ग्राम व काला जीरा 1 ग्राम लेकर इन सबको 90 पानी के एक साथ पीसे। अब इसमें 20 ग्राम गुलकंद मिलाये व छानकर रोगी को पिलाये।
  4. अम्लपित्त, पाचन क्रिया की गड़बड़ी से होनेवाले वायु, पेट का भारीपन,पेटदर्द, पीलिया, सिरदर्द व बायोकैमी की दवा 'नेट्रम फास-3x', 'नेट्रम सल्फ-3x' व 'साइलीशिया-12x' की एक-एक गोली मिलाकर तीन-तीन घंटे पर चुसनी चाहिये। 
  • अम्लता अल्सर में लाभप्रद पिसी हुई या कद्दूकस की हुई नारियल की गिरी 32 ग्राम, घी 8 ग्राम, नारियल का पानी या गाय का दूध 128 ग्राम, व चीनी 32 ग्राम ले। सबसे पहले नारियल के बुरादे को घी में धीमी आँच पर हल्का सा भुने। अब इसमें नारियल के पानी या दूध व चीनी मिलाकर धीमी आँच पर पकाये। चाचणी गाढ़ी हो जाये तो आग से उतारकर किसी बर्तन में जमा करले। ठंडा होने पर इसे छोटे-छोटे टुकड़े काट लो। इसे सुबह-शाम 2-4 ग्राम की मात्रा में लेकर दूध या पानी के साथ सेवन करना चाहिये। यह शारीरिक रूप से कमजोर लोगो के लिये बलवर्धक होता है और पित्तदोष, अम्लता, अल्सर, क्षयरोग में भी बहुत कारगर होता है। इसके अलावा पाचनशक्ति को भी प्रबल बनती है। 
  • अल्सर में पथ्य-अपथ्य  अल्सर के रोगी को सादा आहार और पतला आहार लेना चाहिये। महत्वपूर्ण आहार खट्टा न होलसुन, प्याज, मिर्च-मसाले, बैगन, टमाटर, सुरन, तैलीय पदार्थ इत्यादि पदार्थ बंद कर देनी चाहिये। अल्सर में मीठे फलो का रस, ठंडा दूध, आइसक्रीम, पतली खिचड़ी, मुंग, ये पदार्थ काफी लाभप्रद है। पत्तागोभी का रस काफी फायदेमंद होता है। मात्रा 1-1 कप पत्तागोभी का रस दिन में 5-6 बार लेने से अल्सर में काफी राहत मिलेगी। 
Acidic-And-Ulcers-Diseases-Prescriptions-and-Tips-Esidik-Rog-nuskhe-aur-Tips
  • धन्यवाद दोस्तों 

10/07/2018

Digestive system prescriptions and disease (part 2)

पाचन तंत्र के रोग व नुस्खें (भाग 2 )

Digestive-system-prescriptions-and-disease-(part-2 )-paachan-tantr-ke-rog-va-nuskhe
नमस्कार दोस्तों 


  • विविध रोगनाशक एक किलो अजवाइन को 1 लीटर गोमूत्र में डाल दो। और तीन दिन के बाद गोमूत्र को छानकर अलग कर दो। अब अजवाइन को 1 लीटर मठ्ठे में डाल दो। एक दिन बाद छानकर सूखा ले, फिर 250 ग्राम कच्ची हींग को घी में सेककर सुका ले। फिर 100 ग्राम काला नमक व 50 ग्राम हींग, इन चारों  पदार्थ को कुट पीस कर छानकर डिब्बी में भर ले। इसे सुबह-शाम एक-एक चम्मच भोजन के बाद सेवन करे। इससे एसिडीटी, कब्ज, पेट की जलन, मलावरोध, अजीर्ण, खट्टी डकारे, कृमिरोग, बदहजमी, इत्यादि रोग सभी प्रकार के उदर रोग ठीक होते है। नियमित चूर्ण खाने से पाचनशक्ति बढ़ती है। 
    Digestive-system-prescriptions-and-disease-(part-2 ),paachan-tantr-ke-rog-va-nuskhe-(bhag-2),desi-health-tips,ayurved,lifestyle,विविध-रोगनाशक,एसिडीटी,कब्ज,पेट-की-जलन,मलावरोध,अजीर्ण,खट्टी-डकारे,कृमिरोग,बदहजमी,पाचनशक्ति,अग्निमांध,अतिसार-या-पतले-दस्त,पेचिश-मे-पथ्य-अपथ्य,छाछ,दही,मुंग-की-दाल,अनार-का-रस,रोटी,पराठे,नमकीन,मिर्च-मसाले,अचार-चटनी,तली,भुनी,मरोड़फल्ली,पेट-में-शूल,हरड़,इसबगोल,बबूल-का-गोंद,बड़ी-हरड़,सौंफ,बड़ी-हरड़,का-छिलका,सोंठ-व-सौंफ,
    Digestive system prescriptions and disease (part 2)
  • अग्निमांध अदरक की एक गाठ 15-20 ग्राम की लेकर उसका छिलका उतार कर उसके छोटे-छोटे और पतले-पतले टुकड़े बना ले। अब इन पर साधारण या काला नमक छिड़ककर प्रतिदिन भोजन से लगभग 10 -15 मिनट पूर्व चबाकर खा ले। ये जठराग्नि को प्रदीप्त करने का यह जबरदस्त उपयोग है। जिन लोगो को अग्निमांध की ज्यादा शिकायत होती है। उन्हें भोजन पूर्व 10-20 ग्राम अदरक का रस पी लेना चाहिये। चाहें तो इससे थोड़ा शहद भी मिला सकते है।
  • अतिसार या पतले दस्त सोंठ का चूर्ण 3-5 ग्राम छाछ या पानी के साथ लेने से दस्त रोगी को दिन मै 2-3 बार सेवन करने से दस्त रुक जाते है। छोटे बच्चे को भी सोंठ घिसकर दिया जा सकता है। सोंठ को और गुणशाली बनाने के लिये, सूखे नारियल का एक अखंड गोला लीजिये। और उसमे एक छोटा सा छेद करके सोंठ का चूर्ण कसकर भर दीजिये। अब गोले का छेद उसी टुकड़े से बंद कर ले। गोले पर अंरडी, बादाम, या केले की पत्ती लपेटकर पतले धागे से बांध दीजिये और उस पर काली मिट्टी का एक अंगुल मोटा लेप कीजिये। मिट्टी सूखने के बाद गोले को आग पर गरम कीजिये। जब गोला गरम होकर लाल सुर्ख हो जाये, तब आँच से हटाकर उसे ठंडा होने दे। ठंडा होने के बाद गोले पर से मिट्टी और पत्ते हटा कर गोला और सोंठ को पीसकर मिला दे। ये चूर्ण दस्त बंद करने के लिये लाभदाय इलाज है। 

पेचिश मे पथ्य-अपथ्य


  •  पेचिश 
  • छाछ, दही, मुंग की दाल, अनार का रस, इन पदार्थ का ज्यादा सेवन करना चाहिये। जब तक मरोड़ ख़त्म न हो, तब तक रोटी, पराठे, नमकीन, मिर्च-मसाले, अचार-चटनी, या तली, भुनी, पदार्थ से परहेज रखे। 

  1. मरोड़फल्ली, का चूर्ण रोगी को दिन मे तीन बार तीन ग्राम की मात्रा मे पानी के साथ या दही में मिलाकर देना चाहिये। 
  2. सोते समय अंरडी का तेल 1 चम्मच गरम पानी या दूध के साथ लेने से पेट में उठनेवाली पीड़ा शांत हो जाती है, मरोड़ मिट जाती है। 
  3. पेट में शूल उठने के साथ बार-बार शौच के लिये जाना पड़े और लगे की वायु फस गई है तो बेल, सोंठ, और लेंडी-पेपरी, का चूर्ण समभाग लेकर गुड़ और तेल के साथ मिलाकर सेवन करना चाहिये।
  4. हरड़ का चूर्ण 3-4 ग्राम दिन में 2 बार ठंडे पानी के साथ लेने से मरोड़ की शिकायत समाप्त हो जाती है।
  5.  मरोड़ में इसबगोल को दही या छाछ में मिलाकर लेने से लाभ होता है। 
  6. बबूल का गोंद 100 ग्राम राल 100 ग्राम व मिश्री 800 ग्राम इन तीनो को एक साथ कूटकर पीसकर छान ले। इसके बाद इन्हे पत्थर के खरल में 1 घंटे तक घोटाई करे, इस औषधी की 2-3 रत्ती या जीभ पर रखकर चूस ले पेचिश ठीक हो जाते है। 
  7. बड़ी हरड़ 100 ग्राम घी में भूनकर पीस ले। इसमें 100 ग्राम सोफ व 200 ग्राम मिश्री कूटकर मिला दे। इसे 10-15 ग्राम मात्रा में चावल के धोवन के साथ सेवन करने पर पेचिश में लाभ मिलता है। 
  8. सौंफ 50 ग्राम भून ले व उतनी ही सौंफ कच्ची पीस ले। इसमें मिश्री पीसकर मिलाये व 2-3 चुटकी दिन में 4-5 बार पानी के साथ सेवन करे। 
  9. बड़ी हरड़ का छिलका, सोंठ व सौंफ बराबर मात्रा में ले। अब सोंठ व बड़ी हरड़ को घी में भूनकर पीसे व सौंफ को अलग से पीसकर इसमें मिलादे सोते समय इस चूर्ण में पीसी चीनी मिलाकर 4 से 5 ग्राम तक पानी या दूध के साथ सेवन करे।
  • Digestive-system-prescriptions-and-disease-(part-2 )-paachan-tantr-ke-rog-va-nuskhe
  • धन्यवाद दोस्तों 

10/05/2018

Digestive system prescriptions and disease (part 1)

पाचन तंत्र के रोग व नुस्खे (भाग 1) 

Digestive-system-prescriptions-and-disease-(part-1)-paachan-tantr-ke-rog-va-nuskhe
नमस्कार दोस्तों 
Digestive-system-prescriptions-and-disease-(part-1),paachan-tantr-ke-rog-va-nuskhe,वमन,कपूर,उधर-शोधन,उधर-शूल,पेट-में-दर्द,हरीतकी-रसायन,पेट-व- जिगर-के-सभी-रोग,नुस्खे,पाचन-तंत्र,desi-health-tips,ayurved,health-tips,
Digestive system prescriptions and disease (part 1)

  • वमन  नारियल के ऊपरी छिलके या मक्का के डोडे की भस्म बनाकर कपडे से छानकर रख ले, वमन या उल्टी की स्थिति में शहद के साथ 1 ग्राम इसकी मात्रा लेनी चाहिये।
  • कपूर कपूर कचरी बारह भाग तथा स्वर्ण गैरिक एक भाग को पानी के साथ खरल में घोटकर मटर के बराबर गोलिया बना ले, इसे 2  से 6  गोलिया दिन में दो बार या आवश्यकतानुसार सेवन करे, यह गोली सभी प्रकार के वमन में उपयोगी है, सगर्भा की, ज्वर की, अल्सर की, अम्लपित्त की, इससे पर्याप्त लाभ मिलता है, उल्टी और दर्द दो दिन में खत्म हो जाता है.
  • उधर शोधन  एरंड तेल में छोटी हरड़ को भूनकर उसका महीन चूर्ण तैयार कर ले, यह चूर्ण कब्ज की उत्तम दवा है, एक छोटी चम्मच की मात्रा में रात में सोते समय गरम दूध या गरम पानी के साथ लेने से सुबह  पेट साफ होता है.
  • उधर शूल  पीपलामूल, सोंठ, छोटी पीपल, चव्य, को प्रत्येक 40 ग्राम व आँवला के रस में रखकर  बनाई गई लौह भस्म 640 ग्राम ले, अब इन सभी घटको का कपडा छन्नी चूर्ण बनाकर आठ गुना गोमुत्र डालकर लोहे की कड़ाई में मंद मध्यम और तेज आँच पर पकाये। गोली  बनने योग्य होने पर 125 मि.ग्राम की गोलिया बना ले, दो से चार गोली घी के साथ सेवन करनी चाहिये। यह औषधी मंदाग्नि, प्लीहा, गुल्म, व शूल की बीमारियों को नष्ट खत्म करती है.
  • पेट में दर्द  यदि पेट में अचानक दर्द उठे तो 3-4 ग्राम अजवाइन और थोड़ा सा नमक लेकर पानी के साथ ले, पेट दर्द में तुरंत आराम मिलेगा, हिंग्वष्टक चूर्ण, लवण भास्कर चूर्ण, शिवक्षार पाचन चूर्ण में से कोई भी 3-5 ग्राम की मात्रा में दिन में 3 बार पानी के साथ लेने से अपचन या उदरशूल में आराम गिरता है.
  • हरीतकी रसायन  छोटी हरड़ 8 भाग, सोंठ, सेंधा नमक, छोटी पीपर, शर्करा गुड़ 2 भाग, शहद उतना जितने में औषदि बन जाये। सभी द्रव्यों को कूटकर कपडा छन्नी चूर्ण बनाकर शहद मिलाकर अवलेह जैसा बना ले, रात को सोने से पहले एक तोला पानी या दूध के साथ सेवन करे, इसके सेवन से विभिन्न उदर रोग खत्म हो जाते है, पुराने जुकाम व वात रोगोँ में भी अतिशीघ्र आराम मिलता है.
  • पेट व जिगर के सभी रोग आलूबुखारा आधा किलो ग्राम, गुलाबजल दो किलो ग्राम, गुलाब के फूल आधा छटाक, सौफ आधा छटाक, सनाय की पत्ती एक छटाक, चीनी या गुड़ एक पाव, गुलाब जल में आलूबुखारे को रात भर भिगा दो, सबेरे उसे मसलकर गुठलिया फेक दो, अब गुलाब के फूल, सनाय की पत्ती व सौफ को कूटकर आलूबुखारा के घोल में मिला दे, इसमें गुड़ डालकर धीमी आँच पर तब पकाइये। जब तक की च्यवनप्राश बन जाये। एक छोटा चम्मच सबेरे-शाम भोजन के पूर्व खाना चाहिये। इससे पेट दर्द, गैस, कब्ज, आदि ठीक हो जाते है। जब पेट की शिकायत हो तो तभी इसे लेना चाहिये, अन्यथा नहीं।इस औषधि सेवन से दस्त की शिकायत होने लगे तो सनाय की मात्रा कम या सनाय को निकाल देना चाहिये।
  • Digestive-system-prescriptions-and-disease-(part-1)-paachan-tantr-ke-rog-va-nuskhe
  • धन्यवाद दोस्तों