10/14/2018

Acidic And Ulcers Diseases And Tips

अम्लपित्त व अल्सर (एसिडीटी) में पथ्य अपथ्य व नुस्खे

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नमस्कार दोस्तों
  • अम्लपित्त में पथ्य-अपथ्य अम्लपित्त के रोगी को तले-भुने, खट्टे, तैलीय पदार्थ, वनस्पति घी, से बने पदार्थ नहीं खाने चाहिये। उपवास हानिकारक होता है। खट्टे में (आँवला चलता है) पत्ता गोभी का रस अम्लपित्त में बेहद फायदेमंद होता है। काकड़ी, गाजर, खीरा, इत्यादि का पथ्य है। दालों में मुंग, अरहर की दाल खाई जा सकती है। ठंडा दूध और पके केले खाना लाभदायक  होता है। 
                                                                           
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Acidic And Ulcers Diseases And Tips
      
  • अल्सर या पेट के रोग शतावरी चूर्ण 10-15 ग्राम दूध या पानी 200 ग्राम साथ ले आवश्यकतानुसार शक़्कर इलाइची के दाने लेकर सबको मिलाकर धीमी आँच पर पकाये। दूध गाढ़ा हो जाये तो उतारकर ठंडा होने के बाद इसे धीरे-धीरे खालो। इसका उपयोग दिन में दो-तीन बार किया जा सकता है। अल्सर रोगी को निश्चित ही आराम गिरेगा।
  1. आमाशय में अल्सर होने पर मेथी के दाने को नित्य स्वरूप 2 बार ले दोपहर के भोजन से आधा घंटे पहले व रात को सोने से पहले लाभ होने तक लेते रहना चाहिये।  
  2. कामदुधा रस, सूतशेखर रस, शंखभस्म, प्रवाल-पंचामृत, और वराटिका-भस्म 2-2 ग्राम दूध या पानी के साथ ले। इन सबको मिलाकर या अलग-अलग भी लिया जा सकता है। 
  3. दालचीनी 2 ग्राम, अनारदाना 3 ग्राम, सूखा पुदीना 3 ग्राम, आँवला 3 ग्राम, इलाइची 5 ग्राम, मनुक्का 15 ग्राम व काला जीरा 1 ग्राम लेकर इन सबको 90 पानी के एक साथ पीसे। अब इसमें 20 ग्राम गुलकंद मिलाये व छानकर रोगी को पिलाये।
  4. अम्लपित्त, पाचन क्रिया की गड़बड़ी से होनेवाले वायु, पेट का भारीपन,पेटदर्द, पीलिया, सिरदर्द व बायोकैमी की दवा 'नेट्रम फास-3x', 'नेट्रम सल्फ-3x' व 'साइलीशिया-12x' की एक-एक गोली मिलाकर तीन-तीन घंटे पर चुसनी चाहिये। 
  • अम्लता अल्सर में लाभप्रद पिसी हुई या कद्दूकस की हुई नारियल की गिरी 32 ग्राम, घी 8 ग्राम, नारियल का पानी या गाय का दूध 128 ग्राम, व चीनी 32 ग्राम ले। सबसे पहले नारियल के बुरादे को घी में धीमी आँच पर हल्का सा भुने। अब इसमें नारियल के पानी या दूध व चीनी मिलाकर धीमी आँच पर पकाये। चाचणी गाढ़ी हो जाये तो आग से उतारकर किसी बर्तन में जमा करले। ठंडा होने पर इसे छोटे-छोटे टुकड़े काट लो। इसे सुबह-शाम 2-4 ग्राम की मात्रा में लेकर दूध या पानी के साथ सेवन करना चाहिये। यह शारीरिक रूप से कमजोर लोगो के लिये बलवर्धक होता है और पित्तदोष, अम्लता, अल्सर, क्षयरोग में भी बहुत कारगर होता है। इसके अलावा पाचनशक्ति को भी प्रबल बनती है। 
  • अल्सर में पथ्य-अपथ्य  अल्सर के रोगी को सादा आहार और पतला आहार लेना चाहिये। महत्वपूर्ण आहार खट्टा न होलसुन, प्याज, मिर्च-मसाले, बैगन, टमाटर, सुरन, तैलीय पदार्थ इत्यादि पदार्थ बंद कर देनी चाहिये। अल्सर में मीठे फलो का रस, ठंडा दूध, आइसक्रीम, पतली खिचड़ी, मुंग, ये पदार्थ काफी लाभप्रद है। पत्तागोभी का रस काफी फायदेमंद होता है। मात्रा 1-1 कप पत्तागोभी का रस दिन में 5-6 बार लेने से अल्सर में काफी राहत मिलेगी। 
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  • धन्यवाद दोस्तों 

1 comment:

धन्यवाद दोस्तो आपके सुझाव के लिये....धन्यवाद