10/05/2018

Digestive system prescriptions and disease (part 1)

पाचन तंत्र के रोग व नुस्खे (भाग 1) 

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नमस्कार दोस्तों 
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Digestive system prescriptions and disease (part 1)

  • वमन  नारियल के ऊपरी छिलके या मक्का के डोडे की भस्म बनाकर कपडे से छानकर रख ले, वमन या उल्टी की स्थिति में शहद के साथ 1 ग्राम इसकी मात्रा लेनी चाहिये।
  • कपूर कपूर कचरी बारह भाग तथा स्वर्ण गैरिक एक भाग को पानी के साथ खरल में घोटकर मटर के बराबर गोलिया बना ले, इसे 2  से 6  गोलिया दिन में दो बार या आवश्यकतानुसार सेवन करे, यह गोली सभी प्रकार के वमन में उपयोगी है, सगर्भा की, ज्वर की, अल्सर की, अम्लपित्त की, इससे पर्याप्त लाभ मिलता है, उल्टी और दर्द दो दिन में खत्म हो जाता है.
  • उधर शोधन  एरंड तेल में छोटी हरड़ को भूनकर उसका महीन चूर्ण तैयार कर ले, यह चूर्ण कब्ज की उत्तम दवा है, एक छोटी चम्मच की मात्रा में रात में सोते समय गरम दूध या गरम पानी के साथ लेने से सुबह  पेट साफ होता है.
  • उधर शूल  पीपलामूल, सोंठ, छोटी पीपल, चव्य, को प्रत्येक 40 ग्राम व आँवला के रस में रखकर  बनाई गई लौह भस्म 640 ग्राम ले, अब इन सभी घटको का कपडा छन्नी चूर्ण बनाकर आठ गुना गोमुत्र डालकर लोहे की कड़ाई में मंद मध्यम और तेज आँच पर पकाये। गोली  बनने योग्य होने पर 125 मि.ग्राम की गोलिया बना ले, दो से चार गोली घी के साथ सेवन करनी चाहिये। यह औषधी मंदाग्नि, प्लीहा, गुल्म, व शूल की बीमारियों को नष्ट खत्म करती है.
  • पेट में दर्द  यदि पेट में अचानक दर्द उठे तो 3-4 ग्राम अजवाइन और थोड़ा सा नमक लेकर पानी के साथ ले, पेट दर्द में तुरंत आराम मिलेगा, हिंग्वष्टक चूर्ण, लवण भास्कर चूर्ण, शिवक्षार पाचन चूर्ण में से कोई भी 3-5 ग्राम की मात्रा में दिन में 3 बार पानी के साथ लेने से अपचन या उदरशूल में आराम गिरता है.
  • हरीतकी रसायन  छोटी हरड़ 8 भाग, सोंठ, सेंधा नमक, छोटी पीपर, शर्करा गुड़ 2 भाग, शहद उतना जितने में औषदि बन जाये। सभी द्रव्यों को कूटकर कपडा छन्नी चूर्ण बनाकर शहद मिलाकर अवलेह जैसा बना ले, रात को सोने से पहले एक तोला पानी या दूध के साथ सेवन करे, इसके सेवन से विभिन्न उदर रोग खत्म हो जाते है, पुराने जुकाम व वात रोगोँ में भी अतिशीघ्र आराम मिलता है.
  • पेट व जिगर के सभी रोग आलूबुखारा आधा किलो ग्राम, गुलाबजल दो किलो ग्राम, गुलाब के फूल आधा छटाक, सौफ आधा छटाक, सनाय की पत्ती एक छटाक, चीनी या गुड़ एक पाव, गुलाब जल में आलूबुखारे को रात भर भिगा दो, सबेरे उसे मसलकर गुठलिया फेक दो, अब गुलाब के फूल, सनाय की पत्ती व सौफ को कूटकर आलूबुखारा के घोल में मिला दे, इसमें गुड़ डालकर धीमी आँच पर तब पकाइये। जब तक की च्यवनप्राश बन जाये। एक छोटा चम्मच सबेरे-शाम भोजन के पूर्व खाना चाहिये। इससे पेट दर्द, गैस, कब्ज, आदि ठीक हो जाते है। जब पेट की शिकायत हो तो तभी इसे लेना चाहिये, अन्यथा नहीं।इस औषधि सेवन से दस्त की शिकायत होने लगे तो सनाय की मात्रा कम या सनाय को निकाल देना चाहिये।
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  • धन्यवाद दोस्तों 

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